एनएसजी में भारत की सदस्यता को लेकर चीन ने दिये बातचीत के संकेत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ।

गोवा में होने जा रहे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शिरकत के लिए चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की भारत यात्रा से पहले चीन ने फिर संकेत दिए हैं कि वह न्यूक्लियर सप्लायर्स ग्रुप (एनएसजी) में भारत की पूर्ण सदस्यता के मुद्दे पर भारत के साथ आगे बातचीत करने के लिए तैयार है।

पत्रकारों से बातचीत करते हुए चीन के विदेश उपमंत्री ली बाओडॉन्ग ने कहा कि एनएसजी में नए सदस्यों को शामिल करने के लिए उनके नाम पर सभी मौजूदा सदस्यों को सहमत होना होता है, तथा ये नियम चीन ने नहीं बनाए हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ।

हालांकि उन्होंने कहा, “एनएसजी में शामिल होने के मुद्दे पर भारत और चीन के बीच अब तक बहुत अच्छी बातचीत हुई है, तथा मतैक्य की दिशा में बढ़ने के लिए (चीन) भारतीय पक्ष के साथ आगे बातचीत करने का इच्छुक है… इसी तरह भारत एनएसजी के अन्य सदस्य देशों के पास भी जा सकता है…”

ली ने कहा, “इस मुद्दे पर, भारत के साथ मिलकर सभी तरह की संभावनाओं को तलाश करने के लिए चीन इच्छुक है, लेकिन ऐसा एनएसजी के नियमों के तहत ही किया जाना चाहिए, और कुछ नियमों का पालन सभी पक्षों को करना होगा…

” एनएसजी के नियमों के मुताबिक किसी भी ऐसे देश को एनएसजी की सदस्यता नहीं दी जा सकती, जिसने परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) पर दस्तखत नहीं किए हैं.

Be the first to comment on "एनएसजी में भारत की सदस्यता को लेकर चीन ने दिये बातचीत के संकेत"

आप इस खबर पर अपनी प्रतिक्रिया यहां पर दे सकते हैं।

%d bloggers like this: