दिल्ली में यातायात सुगम बनाने के लिये 20 हजार करोड़ की जरूरत

फाइल फोटो - दिल्ली में ट्रैफिक जाम का एक दृश्य।

दिल्ली में यातायात को सुगम बनाने के लिए गठित कमेटी ने 20 हज़ार करोड़ रुपए की लागत से बीआरटी, पैदल चलने वालों और साइकिल चलाने वालों के लिए विभिन्न सुविधाएं बनाने और सार्वजनिक परिवहन के लिए 6 हज़ार बसों की खरीद की सिफारिश की है।

दिल्ली में सुगम यातायात पर अंतर मंत्रालयीय कमेटी ने सड़कों पर मौजूद जगहों के बेहतर इस्तेमाल तथा शहर में और ज्यादा फ्लाईओवर बनाने की बजाय यातायात प्रबंधन का आह्वान किया है।

राष्ट्रीय राजधानी में यातायात जाम पर 2014 में मीडिया में आई ख़बरों के बाद एक कमेटी का गठन हुआ था। इसमें कमेटी में 19 विभिन्न मंत्रालयों के साथ दिल्ली पुलिस के प्रतिनिधि भी शामिल हैं। कमेटी ने अपने 126 पन्ने की रिपोर्ट में बेहतर समन्वय बनाने और अमल पर त्वरित फैसले के लिए एकीकृत महानगरीय परिवहन प्राधिकार बनाने की मांग की है।

दिल्ली में चौपहिया वाहनों की संख्या की वजह से पार्किंग और जाम की जबर्दस्त समस्या है।

दिल्ली में चौपहिया वाहनों की संख्या की वजह से पार्किंग और जाम की जबर्दस्त समस्या है।

समिति ने इस रिपोर्ट में बताया कि पहले से ही शहर का 21 प्रतिशत क्षेत्रफल सड़कों से पटा हुआ है, नई सड़कों के निर्माण के लिए संभावनाएं बहुत कम है। 60 प्रतिशत ऐसे लोग हैं जो 4 किलोमीटर से भी कम यात्रा करते हैं और 80 प्रतिशत ऐसे हैं जो 6 किलोमीटर से भी कम यात्रा करते हैं। ये ऐसे बिन्दु हैं जहां पर हम वाहनों का प्रयोग कम कर सकते हैं।

समिति ने साइकिल और पैदल चलने के लिए बेहतर बुनियादी ढांचा तैयार करने की सिफारिश की।

समिति ने कहा कि नए फ्लाईओवर का निर्माण और वाहनों के बढ़ने में मदद करेगा, अत: इस की आवश्यकता तबतक नहीं है जबतक की कोई प्रकृतिक बाधा नदी या अन्य कोई बाधा सामने न आए।

समिति ने चिंता जताते हुए कहा कि शहर में तेजी से बढ़ रही स्थानीय सोसायटी द्वारा गेट बंद कर रास्तों को रोकन सही नहीं है, इसकी वजह से मुख्य सड़कों पर ट्रैफिक बहुत बढ़ जाता है।

समिति अगले पांच वर्षों में विभिन्न उपायों के तहत शहर के कुल परिवहन में सार्वजनिक परिवहन और गैर मोटर चालित दौरे के लिए 80 फीसदी हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए कर लगाएगी। एक अनुमान के माध्यम से 2021 में प्रतिदिन 280 लाख यात्राएं करने की वृद्धि का अनुमान है, 1981 में 45 लाख यात्राएं, 2001 में 118 लाख यात्राएं और 2008 में 144 लाख का आंकड़ा था।

समिति ने निष्कर्ष निकाला कि ऑटोमोबाइल आबादी में विस्फोटक वृद्धि को रोकने के लिए और सार्वजनिक और गैर मोटर चालित परिवहन के उपयोग में वृद्धि को सक्षम करने के लिए पार्किंग मूल्य निर्धारण और भीड़ टैक्स लगाया जाए।

शहर में सुरक्षित, टिकाऊ, किफायती, न्यायसंगत, सहज सुलभ और पर्यावरण के अनुकूल सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करने, समिति के घटकों के साथ एक चार सूत्री रणनीति की सिफारिश की है।

 

 

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