बजट 2017-18 की खास बातें

2.5 लाख से 5 लाख रुपए तक की आय पर केवल 5 प्रतिशत टैक्स लगेगा जो अब तक 10 प्रतिशत था ।

5 लाख से ऊपर आय वालों को इनकम टैक्स में 12500 रुपये की छूट मिलेगी ।

50 करोड़ रुपए तक के टर्नओवर वाली कंपनी के टैक्स में कटौती की गयी है । ऐसी कंपनियों को अब 25 प्रतिशत टैक्स लगेगा, ये पहले 30 प्रतिशत था ।

‘मनरेगा’ पर 48 हज़ार करोड़ रुपए ख़र्च होंगे जो अब तक की अधिकतम रकम है।
कृषि क्षेत्र में 4 प्रतिशत से अधिक वृद्धि होने की उम्मीद है ।

वित्त मंत्री अरुण जेटली बजट प्रस्तुत करने के लिये निकलते हुये। साथ में वित्त राज्य मंत्री संतोष गंगवार, अर्जुन राम मेघवाल और वित्त मंत्रालय के अधिकारी भी हैं।

अगले साल 10 लाख करोड़ रुपए कृषि कर्ज़ के तौर पर दिए जाएंगे । फसल बीमा का भी विस्तार किया जाएगा ।

एक करोड़ परिवारों और 50 हजार ग्राम पंचायतों को 2019 तक गरीबी से बाहर लाने के लिए मिशन अंत्‍योदय शुरू करने की घोषणा की गयी है ।

2017-18 में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए कुल आवंटन 3,96,135 करोड़ रुपये का है । बंदरगाहों और सड़कों के विकास पर जोर दिया गया है ।

रेल यात्रियों की सुरक्षा पर सरकार एक लाख करोड़ खर्च करेगी । आईआरसीटीसी के ज़रिए ई-टिकट बुकिंग्स के दौरान चार्ज नहीं लगेगा ।

3 लाख रुपये से ऊपर कैश ट्रांजेक्शन नहीं हो सकेगा, 3 लाख से ऊपर लेनदेन डिजिटल ही होगा।

डिजिटल लेनदेन के लांच हुए भीम एप को बढावा देने के लिए दो नयी योजनाएं शुरु होंगी।

राजनीतिक पार्टियां सिर्फ 2 हजार रुपये तक ही कैश में चंदा ले सकेंगी। 2 हजार रुपये से ज्यादा का चंदा चेक या डिजिटल तरीके से ही लिया जा सकेगा।

राजनीतिक चंदे के लिए बॉन्ड आएगा।

सरकार देश छोड़कर भागने वाले आर्थिक अपराधियों की संपत्ति जब्त करेगी ।

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