पश्चिम बंगाल में स्थानीय निकाय चुनावों में ममता बनर्जी को बढ़त

भारी हिंसा की खबरों के बीच हुए पश्चिम बंगाल के पंचायत और जिला परिषद चुनावों के नतीजे घोषित किये जा रहे हैं। अब तक घोषित परिणामों के अनसार ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस आगे चल रही है लेकिन भारतीय जनता पार्टी ने राज्य में कांग्रेस और वाम दलों को छोड़कर दूसरा स्थान बनाया हुआ है।

रुझानों के मुताबिक 20 जिलों के लगभग सभी जिला परिषद और पंचायत समिति सीटों में तृणमूल के उम्मीदवार आगे थे। देर शाम तक के नतीजो में टीएमसी ने 16164 ग्राम पंचायत सीटें जीती ली थीं, और 1186 सीटों पर आगे चल रही थी। भाजपा मुर्शिदाबाद और माल्दा को छोड़कर लगभग सभी जिलों में ग्राम पंचायत में तृणमूल की मुख्य प्रतिद्वंद्वी के तौर पर उभरी है।

राज्य में वामपंथी और कांग्रेस को पीछे छोड़ते हुए बीजेपी ने दूसरी पोजीशन हासिल की है। शाम तक के नतीजों में पार्टी ने 4028 सीटों पर जीत हासिल की है और 146 सीटों पर आगे चल रही थी। सीपीएम को 1042 सीटें मिली हैं और 62 सीटों पर वो आगे थी।

भारत में एक मतदान के दौरान मतदाता (आर्काइव)

जबकि कांग्रेस ने ग्राम पंचायत में 664 सीटें जीती हैं और 40 सीटें पर आगे हैं। इस महीने के 14 तारीख को ग्राम पंचायत की 48860 सीटों के लिये चुनाव हुआ था।

चुनाव नतीजों के बाद कुछ जिलों से टीएमसी के कार्यकर्ताओं द्वारा धमकाने और डराने की खबरे भी आयी हैं। नादिया में बदमाश कथित रूप से मतपत्र के बक्से लेकर ही भाग गये। जिसके बाद यहां मतगणना रोक दी गयी।

इस बीच ग्रामीण स्थानीय निकायों के तीन स्तरों में कुल 58,692 सीटों में से 20,076 सीटों पर उम्मीदवार निर्विरोध चुने गये हैं। ये सभी टीएमसी के पक्ष मे हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने राज्य चुनाव आयोग से इन सीटों पर विजयी उम्मीदवारों को जीत का सर्टिफिकेट जारी करने से मना किया है।

बंगाल पंचायत चुनावों के लिए मतदान सोमवार को हुआ था जिसके दौरान राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं द्वारा व्यापक हिंसा की घटनाएं सामने आयी थीं। हिंसा और गड़बड़ी की खबरों के बाद 20 जिलों में से 1 9 जिलों के 573 बूथों में फिर से मतदान हुआ था।

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