रक्षा, सिविल एविएशन और ई-कॉमर्स में 100% प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की अनुमति

फाइल फोटो - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहराज्य मंत्री किरेन रिजिजु और संसदीय कार्य राज्य मंत्री राजीव प्रताप रूड़ी के साथ संसद भवन परिसर में।

केंद्र सरकार ने प्रत्यक्ष विदेशी निवेश पर आज कई बड़े फैसले लिए हैं। कई क्षेत्रों में एफडीआई की सीमा और नियमों में ढील देने का फैसला लिया गया। इसके साथ ही भारत, एफडीआई के मामले में दुनिया में सबसे खुली अर्थव्यवस्था बन गया है।

आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में आज कई क्षेत्रों में विदेशी निवेश नियमों को मंजूरी दी गई।

कुछ वस्तुओं को छोड़कर ज्यादातर क्षेत्रों में अब बिना सरकारी अनुमति के विदेशी निवेश का रास्ता खोल दिया गया है। नवंबर, 2015 के बाद एफडीआई की दिशा में ये दूसरा बड़ा फैसला लिया गया है।

रक्षा क्षेत्र में एफडीआई नियमों को आसान बनाते हुए तकनीकी सहयोग के लिए 100 फीसदी एफडीआई को मंजूर कर लिया गया है।

पहले ये छूट अति विशिष्ट तकनीकों के लिए थी। इसी तरह से छोटे आयुधों के निर्माण के लिए भी 100 फीसदी विदेशी निवेश को मंजूर कर लिया गया है।

नई नागरिक उड्डयन नीति आने के कुछ दिनों के भीतर ही शेड्यूल्ड एअरलाइन्स में 100 फीसदी एफडीआई को सरकार की हरी झंडी मिल गई है। पुराने एअरपोर्ट के पुनर्निर्माण में भी 100 फीसदी विदेशी निवेश को मंजूर कर लिया गया है।

डीटीएच सेवाओं, मोबाइल टीवी, केबल नेटवर्क में एफडीआई की सीमा 49 फीसदी से बढ़ाकर 100 फीसदी कर दिया गया है।

सिंगल ब्रांड रिटेल ट्रेंडिग में स्थानिय निकायों से 30 फीसदी सोर्सिंग के नियम में तीन साल की छूट देने का फैसला लिया गया है। पशुपालन के क्षेत्र में भी 100 फीसदी एफडीआई को मंजूरी दी गई है।

Be the first to comment on "रक्षा, सिविल एविएशन और ई-कॉमर्स में 100% प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की अनुमति"

आप इस खबर पर अपनी प्रतिक्रिया यहां पर दे सकते हैं।

%d bloggers like this: