यूपीए कार्यकाल में वीवीआईपी हेलीकाप्टर खरीद में अनियमितता: मनोहर पर्रिकर

यूपीए कार्यकाल में वीवीआईपी हेलीकाप्टर खरीद में धांधली हुई, मामले की तह तक जायेगी सरकार: रक्षा मंत्री पर्रिकर

अगूस्ता वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर खरीद मामले में मचे सियासी घमासन के बीच रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने संसद में कहा कि सौदे में भ्रष्टाचार हुआ है और इटली की कोर्ट ने भी इस मामले में घोटाले की बात को माना है।

इससे पहले बहस में बोलते हुये तत्कालीन रक्षा मंत्री एके अन्टोनी ने भी राज्य सभा में कहा था कि इटली के कोर्ट के फैसले से साफ है कि इस मामले में भ्रष्टाचार हुआ है और सरकार को इसकी जांच करनी चाहिये।

अंटोनी ने कांग्रेस नेताओं की तरफ से किसी अनियमितता की बात से इंकार करते हुये भाजपा नेताओं को ब्लैकमेल नहीं करने की सलाह भी दी थी।

अंटोनी की दलील का जवाब देते हुये रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा कि यूपीए ने सौदे के दौरान सिंगल वेंडर के लिए माहौल तैयार किया ताकि अगूस्ता को ही ये सौदा मिल सके।

पर्रिकर ने कहा कि फील्ड ट्रायल के दौरान भी गड़बडी की गयी। सौदे के समय अगुस्ता की बोली को शुरुआत में ही रद्द कर दिया जाना चाहिए था।

उन्होंने कहा कि प्रस्ताव के लिए अनुरोध अगूस्ता इटली को दिया गया जबकि जवाब अगूस्ता ब्रिटेन की ओर से आया। इस सौदे के लिए दूसरी कंपनियों को छूट नहीं दी गयी।

पर्रिकर ने कहा कि इटली के कोर्ट ने भी माना है कि सौदे में कई स्तरों पर चूक हुई है । उन्होंने कहा कि सौदा भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की संस्तुति पर रद्द किया गया और देश जानना चाहता है कि भ्रष्टाचार कैसे हुआ, किसने उसको बढावा दिया और किसको फायदा पहुंचा।

मनोनीत सदस्य एवं भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने कांग्रेस नेताओं पर सवाल खड़े किये।

मनोनीत सदस्य एवं भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने कांग्रेस नेताओं पर सवाल खड़े किये।

इससे पहले बीजेपी नेता सुब्रस्वामी ने सौदे में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और पूर्व पीएम मनमोहन सिंह से पूछताछ की मांग की।

चर्चा के दौरान सदस्यों ने जहां मामले की निष्पक्ष और तेजी से जांच की मांग की वहीं सिंघवी ने कांग्रेस पर लगे आरोपों को खारिज किया और आरोप प्रत्यारोप की जगह मामले की जल्द जांच की मांग की।

सदन में चली बहस के बाद सरकार ने साफ कर दिया है कि ये मामला पूरी तरह से भ्रष्टाचार का है और सरकार इस मामले की तह तक जाएगी।

रक्षा मंत्री ने यूपीए सरकार पर उंगली उठाते हुये कहा कि उनके कार्यकाल के दौरान एक अदृश्य हाथ सीबीआई की जांच को प्रभावित कर रहा था।

पर्रिकर ने एक कंपनी आईडीएस इन्फोटेक का भी नाम सदन में लिया और कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि इस कंपनी के जरिये भ्रष्टाचार के पैसे का लेनदेन किया गया है।

इस मामले में पूर्व वायुसेना प्रमुख एस पी त्यागी से आज प्रवर्तन निदेशालय पूछताछ करेगा। इस मामले में सीबीआई भी त्यागी से पूछताछ कर रही है।

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