उत्तराखंड में 10 मई को शक्ति परीक्षण, बागी नहीं कर पायेंगे वोट

सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश दीपक मिश्र (बायें) एवं न्यायाधीश शिव कीर्ति सिंह की पीठ ने उत्तराखण्ड में 10 मई को शक्ति परीक्षण का आदेश दिया।

सर्वोच्च न्यायालय ने 10 मई को सुबह 11 से दोपहर 1 बजे तक विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने का आदेश दिया है। इसके लिये राज्य में केवल 2 घंटे के लिये राष्ट्रपति शासन हटाने पर केंद्र सहमत हो गया है।

न्यायाधीश दीपक मिश्रा और शिव कीर्ति सिंह की पीठ ने कांग्रेस के 9 बागी विधायकों की कार्यवाही में शामिल होने की मांग को ठुकरा दिया है।

मतदान कराने के लिए 10 मई को दो घंटे के लिए राष्ट्रपति शासन निलंबित रखा जाएगा। वोटिंग की प्रक्रिया की वीडियोग्राफी होगी।

सुप्रीम कोर्ट ने विधानसभा के प्रधान सचिव को एक बंद लिफाफे में शक्ति परीक्षण का परिणाम 11 मई को उसके सामने रखने को कहा है।

कांग्रेस ने सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय का स्वागत करते हुये कहा है कि शक्ति परीक्षण ही एक मात्र विकल्प था और सदन में बहुमत साबित करने के लिए पार्टी पूरी तरह से तैयार है।

कांग्रेस के 9 बागी विधायकों को शक्ति परीक्षण से रोकने का न्यायालय का निर्देश भाजपा के लिये बड़ा झटका माना जा रहा है।

भारतीय जनता पार्टी ने कहा है कि शक्ति परीक्षण से स्थिति साफ हो जाएगी, हालांकि प्रदेश प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने विधायकों की कथित खरीद-फरोख्त के स्टिंग का मुद्दा फिर उठाते हुए कहा कि प्रदेश की जनता बीजेपी के साथ है।

स्टिंग ऑपरेशन की जांच कर रही सीबीआई ने उत्तराखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को 9 मई को पूछताछ के के लिये पेश होने का सम्मन भेजा है।

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