सुषमा स्वराज ने पाकिस्तानी छात्रा मशाल माहेश्वरी को मेडिकल कालेज में एडमिशन का भरोसा दिया

धार्मिक उत्पीड़न की वजह से मशाल माहेश्वरी का परिवार पाकिस्तान से आकर जयपुर में रह रहा है। इसी वजह से मशाल मेडिकल प्रवेश परीक्षा में नहीं बैठ सकती है।

भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज द्वारा की गई मदद के कारण पाकिस्तानी हिन्दू लड़की मशाल माहेश्वरी को मेडिकल सीट ऑफर हुई है।

भारतीय कानून के मुताबिक वह मेडिकल एंट्रेंस में नहीं बैठ सकती थी।

इससे पहले मशाल को सुषमा स्वराज की ओर से बड़ा आश्वासन मिला था जब उन्होंने अपने ट्विटर पर लिखा- मशाल, परेशान मत हो मेरी बच्ची.. मैं मेडिकल कॉलेज में तुम्हारे एडमिशन के मामले को व्यक्तिगत स्तर पर उठाउंगी।

जयपुर में रहने वाली मशाल माहेश्वरी पाकिस्तान की रहने वाली हैं और पिछले काफी वक्त से भारत में अपने परिवार के साथ रह रही हैं।

पाकिस्तान में वे लोग काफी परेशान थे जिसके बाद उन्होंने पाकिस्तान से भारत आने का फैसला किया था।

मशाल के माता-पिता डॉक्टर हैं। पाकिस्तान के हैदराबाद में उन्हें एक बार अगवा करने की कोशिश की गई जिसके बाद वे धार्मिक वीजा पर भारत आ गए। मशाल ने 10वीं तक का पढ़ाई पाकिस्तान में की है।

1 Comment on "सुषमा स्वराज ने पाकिस्तानी छात्रा मशाल माहेश्वरी को मेडिकल कालेज में एडमिशन का भरोसा दिया"

  1. यह बहुत सौभाग्य कि बात है कि एक योग्य छात्रा को उसकी योग्यता के अनुसार सम्मानित विदेश मंत्री सुषमा स्वराज जी के सहयोग से उसे मेडिकल सीट ऑफर किया गया ।इस बीच उसकी नागरिकता आड़े नहीं आ पायी ।यही अच्छे दिन की शुरुआत है ।

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