मेरी सरकार न्यूज़ सर्विस
नई दिल्ली, अक्टूबर 29, 2009
प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने कहा है कि पाकिस्तान के साथ वार्ता के लिये भारत कोई शर्त नहीं रख रहा है लेकिन जबतक पाकिस्तान राज्य प्रायोजित आतंकवाद पर लगाम नहीं लगाता इसमें कोई वास्तविक प्रगति नहीं हो पायेगी.
बुधवार को प्रधानमंत्री ने कहा था कि भारत पाकिस्तान से बातचीत करने को तैयार है बशर्ते पाकिस्तान पहले आतंकवाद से 'तौबा' करे.
पाकिस्तान ने भारत द्वारा शांति वार्ता के प्रयास का स्वागत किया है.
इसी संवाददाता सम्मेलन में प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने तालिबान की आर्थिक मदद करने के पाकिस्तानी आरोप को ख्याली और पूरी तरह से झूठा भी बताया है. उन्होंने कहा कि ये बयान सच्चाई से कोसों दूर है और जिसने भी ये आरोप लगाया है उसे इसकी वास्तविकता बखूबी पता है.
प्रधानमंत्री ने पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री रहमान मलिक के इस आरोप को पूरे तौर पर झूठा बताया है कि भारत उनके देश में अस्थिरता को भड़का रहा है.
उन्होंने कहा, "बलूचिस्तान में अस्थिरता भड़काने और तालिबान को पैसा देने के आरोप पर मेरा सीधा उत्तर यही है कि यह पूरी तरह से झूठ है."