भारतीय और अफ्रीकी छात्र ऑस्ट्रेलिया में नस्लभेद के शिकार: 'द एज'
मेरी सरकार न्यूज़ सर्विस
नई दिल्ली, नवम्बर 19, 2009
ऑस्ट्रेलिया में किये गये एक राष्ट्रीय अध्ययन के अनुसार 'गहरे रंग' के दो तिहाई छात्रों को स्कूलों में नस्लीय दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ता है इनमें से ज्यादातर छात्र भारत और अफ्रीका से होते हैं.
अध्ययन में कहा गया है कि ऑस्ट्रेलियाई स्कूलों में नस्लभेद ने अपनी जड़े बहुत गहरे तक जमा ली हैं. अध्ययन में भाग लेने वाले गैर-अंग्रेज पृष्ठभूमि के 80 प्रतिशत छात्रों ने और अंग्रेज पृष्ठभूमि के 55 प्रतिशत छात्रों ने माना की उन्होंने नस्लीय दुर्व्यवहार का अनुभव किया है.
इस अध्ययन में समूचे ऑस्ट्रेलिया से सेकेण्डरी स्कूल के 900 छात्रों ने हिस्सा लिया है. अध्ययन में कहा गया है कि ऐग्लो-ऑस्ट्रेलियाई पृष्ठभूमि के युवा दूसरे सांस्कृतिक समूहों, विशेषकर के गहरे रंग के भारतीय और अफ्रीकी छात्रों के प्रति लगातार पूर्वाग्रह भरे व्यवहार का प्रदर्शन करते हैं.
अध्ययन के अनुसार विदेश से जाकर वहां बसने वाले लोगों की पहली पीढ़ी की 11 और 12 साल की छात्राओं के साथ नस्लीय दुर्व्यवहार का सबसे ज्यादा खतरा रहता है. इसमें उनके प्रति नस्लीय अपशब्दों का प्रयोग किये जाने और सांस्कृतिक तौर पर उनके साथ भेदभाव का सबसे ज्यादा खतरा रहता है.