|
|
|
Page last updated at 17:48:08 IST, Monday, 30 November 2009 |
News Feeds ::  |
|
|
|
न्यायालय ने अजमल आमिर कसाब के वकील अब्बास काज़मी की सेवाओं को समाप्त किया
|
मेरी सरकार न्यूज़ सर्विस
नई दिल्ली, नवम्बर 30, 2009 |
|
| |
एक चौंकाने वाले घटनाक्रम में 26/11 मामले की सुनवाई कर रहे विशेष न्यायालय ने इस हमले के दौरान एक मात्र जीवित पकड़े गये आंतकवादी अजमल आमिर कसाब का बचाव कर रहे वकील अब्बास काज़मी को हटा दिया है. अब्बास काज़मी को न्यायालय ने ही कसाब के बचाव के लिये नियुक्त किया था.
स्थानीय समाचार माध्यमों में 'सूत्रों' के हवाले से कहा जा रहा है कि विशेष न्यायाधीश एम. एल. ताहिलियानी ने अब्बास काज़मी के 'असहयोग पूर्ण' रवैये की वजह से उन्हें मुकदमें से हटाने का निर्णय लिया है.
न्यायालय ने पहले वरिष्ठ वकील अंजलि वाघमारे को कसाब का बचाव करने के लिये नियुक्त किया था. लेकिन जब ये बात स्पष्ट हुई कि वो मुंबई हमले के एक पीड़ित का भी मुकदमा लड़ रही है तो न्यायालय ने उन्हें हटाकर अब्बास काज़मी को नियुक्त किया था.
न्यायालय के इस निर्णय से मुंबई हमले के मुकदमे की सुनवाई में और देरी होना तय है. कसाब के बचाव के लिये वकील ढूढ़ना मुश्किल होता है. पहले भी वरिष्ठ वकील अंजलि वाघमारे द्वारा कसाब के मुकदमे को हाथ में लेने पर शिवसैनिकों ने उनके घर पर हमला किया था.
न्यायाधीश एम. एल. ताहिलियानी ने काज़मी से कहा था कि अभियोजन पक्ष द्वारा दाखिल 340 गवाहों के शपथ पत्र में से वो प्रथम श्रेणी के 71 गवाहों को जिरह के लिये चुन लें. इस श्रेणी के गवाहों में मृतकों के परिजन, पंचनामा के गवाह और डॉक्टर वगैरह शामिल हैं.
न्यायालय ने उनसे पूछा कि वो इन 71 गवाहों में से कितने लोगों से पूछताछ करना चाहेंगे तो अब्बास काज़मी सभी 340 गवाहों से जवाब-तलब करने पर अड़े रहे और न्यायालय के सुझावों को स्वीकार करने को तैयार नहीं दिखे.
पिछले सप्ताह न्यायालय ने इसी मुद्दे पर अब्बास काज़मी को लताड़ लगाई थी और कहा था कि उन्होंने न्यायालय से झूठ बोला था.
अब्बास काज़मी ने कहा था कि वो अभियोजन पक्ष के वकील उज्ज्वल निकम द्वारा दाखिल शपथपत्रों की परवाह नहीं करते हैं.
लेकिन बाद में अब्बास काज़मी के बिना शर्त क्षमा मांगने पर न्यायालय ने उन्हें माफ कर दिया था और अपनी टिप्पणी को वापस ले लिया था.
|
|
| |
|
| इसी विषय पर अन्य ख़बरें |
|
|
|
|
|
| |
|
|
| |
| POLL |
|
क्या अन्ना हजारे के जन लोकपाल के कानून बन जाने से भारत में भ्रष्टाचार रुक जायेगा?
|
|
|
|
|
|
| |
|
|
|
|
|
|
|
| Copyright © : 2009 Meri Sarkar. New Delhi, India. |
|
|
|