विदेशियों की जानकारी सभी संबंधित विभागों को एक साथ और तुरंत देने के लिये नई तकनीक का प्रयोग: चिदंबरम
मेरी सरकार न्यूज़ सर्विस
नई दिल्ली, दिसंबर 01, 2009
तहव्वुर हुसैन राना और डेविड कोलमैन हैडली के मुंबई हमलों के पहले और बाद में बार-बार भारत आने की जानकारी एफबीआई से मिलने के बाद सरकार का ध्यान सुरक्षा में एक और चूक को दुरुस्त करने पर गया है. विदेशियों की जानकारी रखने वाले और उन्हें वीजा देने की प्रक्रिया से जुड़े एक-एक ऑफिस और विभाग को सरकार ने जोड़ना तय किया है - चाहे वो देश में हो या विदेश में.
तहव्वुर हुसैन राना अपनी पत्नी के साथ कई बार भारत आया लेकिन खुफिया एजेंसियों को उसके क्रिया कलापों और इरादों की भनक तक नहीं लगी. जबकि पाकिस्तानी मूल के अमेरिकी नागरिकों के वीजा आवेदनों की सख्त जांच का निर्देश गृहमंत्रालय काफी पहले ही दे चुका था.
चिदंबरम ने कहा कि ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति रोकने के लिये विदेश मंत्रालय, आव्रजन विभाग, विदेशी पंजीकरण विभाग के देश विदेश स्थित सभी कार्यालयों को ऐसी तकनीक से जोड़ा जायेगा कि वो किसी भी एक के पास मौजूद जानकारी का तुरंत और एक साथ ही इस्तेमाल कर सकें.
उन्होंने कहा, "आपस में जुड़ जाने के बाद ये सभी कार्यालय रियल-टॉइम में सूचनाओं का आदान प्रदान कर सकेंगे ताकि पूरी जानकारी का इस्तेमाल करके कोई भी निर्णय उसी समय लिया जा सके."
तहव्वुर हुसैन राना को विदेश मंत्रालय के शिकागो स्थित कॉउंसलेट से वीजा जारी किये जाने के बाद इस मसले पर गृहमंत्रालय और विदेश मंत्रालय के मतभेद खुलकर सामने आ गये थे.
शिकागो स्थित भारतीय कॉउंसल जनरल ने कहा था कि वीजा देने में किसी प्रक्रिया का उल्लंघन नहीं हुआ था...लेकिन गृह सचिव जी. के. पिल्लई ने सावधानी बरतते हुये कहा कि आगे से इस तरह के सभी आवेदनों को मंजूरी दिल्ली से ही दी जायेगी.