राम प्रधान समिति ने ताज और ओबेराय होटेल पर सुरक्षा चेतावनी की अनदेखी करने का आरोप लगाया
मेरी सरकार न्यूज़ सर्विस
नई दिल्ली, दिसंबर 23, 2009
पिछले साल 26 नवंबर को मुंबई पर हुये आतंकवादी हमले की जांच करने के लिये गठित उच्चाधिकार प्राप्त समिति ने ताज और ओबेराय होटेल के प्रबंधन को मुंबई पुलिस द्वारा जारी सुरक्षा चेतावनियों की अनदेखी करने का दोषी पाया है.
सोमवार को महाराष्ट्र सरकार ने राम प्रधान समिति की रिपोर्ट को राज्य विधानसभा में पेश किया था. रिपोर्ट में कहा गया है कि दोनों ही होटलों के अधिकारियों ने जोन-1 के पुलिस उपायुक्त द्वारा सुझाये गये सुरक्षा उपायों को लागू नहीं किया था. रिपोर्ट में कहा गया है कि इन दोनों ही होटलों के प्रबंधन की होटल उद्योग को लेकर अपनी ही सोच थी जिसकी वजह से ऐसा नहीं किया गया.
रिपोर्ट में कहा गया है कि 24 सितंबर 2008 को आईबी से इस बात की सूचना मिल गई थी कि पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा मुंबई में कुछ जगहों को निशाना बना सकता है जिनमें ताज होटेल भी शामिल है. इसके बाद 29 सितंबर को पुलिस ने ताज होटल के सुरक्षा अधिकारियों के साथ एक बैठक की थी.
रिपोर्ट मे कहा गया है कि मुंबई पुलिस के जोन-1 के डिप्टी कमिश्नर ने ताज होटेल के सुरक्षा महाप्रबंधक करम बीर कांग के साथ हुई इस बैठक की अध्यक्षता की थी.
समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि इसके बाद जोन-1 डिप्टी कमिश्नर ने 30 सितंबर को एक बार फिर ताज होटल का दौरा किया और सुरक्षा कर्मियों को व्यक्तिगत तौर पर हिदायत दी.
समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि ताज और दूसरे होटलों ने उनके ऊपर खतरे को देखते हुये भी पुलिस द्वारा दी जा रही सुरक्षा को बढ़ाने की कोई मांग नहीं की.