मेरी सरकार न्यूज़ सर्विस
नई दिल्ली, जनवरी 01, 2010
रुचिका मामले के सुर्खियां बनने के बाद सरकार नींद से जागती दिख रही है. कानून मंत्री वीरप्पा मोइली ने महिलाओं से संबंधित अपराधों की सुनवाई तेज करने को कहा था. अब सरकार ने कानून में बदलाव किये हैं ताकि सेक्स अपराधों की सुनवाई दो महीनों के अंदर पूरी की जा सके.
ये नये बदलाव 31 दिसंबर से लागू भी हो गये हैं. नये बदलावों की सबसे अहम बात है कि इसमें पीड़ितों को संबंधित न्यायालय के निर्णय के विरुद्ध ऊपरी अदालत में अपील करने की अनुमति दी गई है. इससे पहले केवल राज्य को ही ऐसा करने की अनुमति थी.
गृहमंत्रालय ने एक वक्तव्य में कानून में संशोधन की जानकारी देते हुये कहा कि पीड़ितों को ये अधिकार होगा कि वो इस मामले में वकीलों की मदद ले सकते हैं.
एक अहम बदलाव ये भी किया गया है कि जहां तक संभव हो बलात्कार की शिकार महिला का बयान उसके निवास स्थान पर उसके माता-पिता, अभिभावक या कोई सामाजिक कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में ही लिया जाये.