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पारिवारिक व्यापार की तरह चलाये जा रहे 44 डीम्ड विश्वविद्यालयों को बंद करने का केंद्र का निर्णय
मेरी सरकार न्यूज़ सर्विस
नई दिल्ली, जनवरी 18, 2010
 
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सर्वोच्च न्यायालय (फाइल फोटो)
मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने सर्वोच्च न्यायालय में दाखिल शपथपत्र में कहा है कि ये डीम्ड विश्वविद्यालय पारिवारिक साम्राज्य की तरह से चलाये जा रहे थे न कि किन्हीं पेशेवर शैक्षणिक मूल्यों के आधार पर.

हालांकि सरकार ने कहा कि इन संस्थाओं में पढ़ रहे दो लाख छात्रों का भविष्य बर्बाद होने से बचाने के लिये इन संस्थानों से डीम्ड विश्वविद्यालयों की मान्यता तो वापस ली जायेगी लेकिन इन्हें मौका दिया जायेगा कि इन्होंने जिन विश्वविद्यालयों से पहले मान्यता ले रखी थी दोबारा उन्ही से मान्यता ले सकें.

ये 44 शिक्षण संस्थान देश के 13 राज्यों में फैले हुये हैं.

सरकार ने अपने शपथ पत्र में कहा कि गड़बड़ियां ये करने वाले ये डीम्ड विश्वविद्यालय मनमाने तरीके से कोर्स तैयार कर रहे थे और अपनी मनमर्जी से उन्हें नाम दे रहे थे. सरकार ने कहा कि इसके अलावा ये अपनी क्षमता से बहुत ज्यादा छात्रों को अपने यहां प्रवेश दे रहे थे.

सरकार ने कहा कि उसने इस मामले प्रोफेसर पी.एन. टण्डन की अध्यक्षता में बनायी गयी उच्चाधिकार प्राप्त समिति के सुझावों को मान लिया है. उच्च शिक्षा में व्याप्त धांधली की समस्या से निपटने के लिये सुझाव देने हेतु इस समिति का गठन जून 2009 में किया गया था.

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एक डीम्ड विश्वविद्यालय (फाइल फोटो)
समिति ने सभी 130 डीम्ड विश्वविद्यालयों को आमने-सामने की बातचीत के लिये बुलाया था. मानव संसाधन विकास मंत्रालय के निदेशक उपमन्यु बोस ने अपने शपथ पत्र में कहा कि अगस्त-सितंबर 2009 के दौरान केवल 126 डीम्ड विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधि बातचीत के लिये आये.

समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि 126 में 38 डीम्ड विश्वविद्यालय अपनी उपलब्धियों, और भावी संभावनाओं के आधार पर मान्यता बनाये रखने के अधिकारी हैं. जबकि 44 अन्य के कामकाज में अनियमितता पायी गयीं जिन्हें ठीक करने के लिये तीन वर्षों का समय दिया गया है.

शेष 44 डीम्ड विश्वविद्यालयों की मान्यता समाप्त करने की अनुशंसा की गई है. इन 44 में से सर्वाधिक 16 तमिलनाडु में स्थित हैं और एक संस्थान तो ऐसा है जिसको राज्य सरकार स्पॉन्सर कर रही थी. बाकी 28 बंद किये जाने वाले डीम्ड विश्वविद्यालयों में से 6 कर्नाटक, 4 उत्तर प्रदेश में स्थित हैं.

महाराष्ट्र, हरियाणा, राजस्थान और उत्तराखण्ड में तीन-तीन डीम्ड विश्वविद्यालय ऐसे हैं जो बंद किये जायेंगे. जबकि दिल्ली, आंध्र प्रदेश, गुजरात, बिहार, उड़ीसा और पुड्डुचेरी में एक-एक डीम्ड विश्वविद्यालय ऐसा है जो कि बंद किया जायेगा.
 
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