संघीय राज्यमंत्रियों की उनको काम नहीं दिये जाने की शिकायत पर प्रधानमंत्री ने उनके साथ बात की
मेरी सरकार न्यूज़ सर्विस
नई दिल्ली, जनवरी 19, 2010
संघीय राज्यमंत्रियों की प्रधानमंत्री के साथ बैठक
प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने मंगलवार को केंद्र सरकार के कनिष्ठ मंत्रियों के साथ इस बात पर विचार किया कि कैसे उनकी प्रतिभा का सही इस्तेमाल संबंधित मंत्रालय और सरकार के कामकाज में किया जाये.
उच्च पदस्थ आधिकारिक सूत्रों के अनुसार कुल 36 संघीय राज्य मंत्रियों में से 33 ने मंगलवार को प्रधानमंत्री निवास पर हुई बैठक में भाग लिया. और कम से कम एक दर्जन मंत्री ऐसे थे जिन्होंने प्रधानमंत्री के सामने खुलकर अपनी शिकायतों को रखा.
तृणमूल कांग्रेस के कोटे के एक राज्यमंत्री ने अपना नाम गुप्त रखने की शर्त पर मीडिया से कहा, "हमें कोई जिम्मेदारी नहीं दी जा रही है. हमारे अपने मंत्रालय में क्या हो रहा है हमें इसी की सूचना नहीं होती है."
इस राज्यमंत्री ने कहा कि काम और जिम्मेदारी से ज्यादा ये मुद्दा हमारे सशक्तीकरण का है.
हालांकि कांग्रेस सदस्य रेल राज्यमंत्री के एच मुनिअप्पा जो कि इस बैठक में मौजूद थे इस विषय पर पत्रकारों के प्रश्नों का उत्तर देने से इंकार कर दिया.
उन्होंने केवल इतना कहा, "इस मामले पर प्रधानमंत्री विचार करेंगे. और प्रधानमंत्री कनिष्ठ मंत्रियों को दी जा रही जिम्मेदारी और उनके प्रदर्शन पर चिंतित दिखे."
डी पुरनदेश्वरी मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री
राज्य मानव संसाधन विकास मंत्री डी. पुरुन्देश्वरी ने कहा कि उन लोगों ने प्रधानमंत्री के सामने अपनी समस्यायें रखी और प्रधानमंत्री ने भरोसा दिलाया कि वो इस विषय पर अपने कैबिनेट सहयोगियों से बात करेंगे.
प्रधानमंत्री कार्यालय ने बैठक के बाद जारी एक वक्तव्य में कहा, "प्रधानमंत्री ने कनिष्ठ मंत्रियों के रूप में उपलब्ध प्रचुर प्रतिभा के समुचित प्रयोग के मुद्दों पर राज्य मंत्रियों से विचार विमर्श किया."
प्रधानमंत्री ने राज्य मंत्रियों से अपील की वे बेहतर सरकार के लिये काम करें और सरकार का संदेश जनता तक पहुंचाने में मदद करें.
सूत्रों के अनुसार केवल वित्त राज्यमंत्री एसएस पलानिकमम ही उनको दिये गये उत्तरदायित्वों से संतुष्ट दिखें.