श्रीलंका में 70 प्रतिशत मतदान, सरथ फोनसेका का नाम मतदाता सूची से गायब
मेरी सरकार न्यूज़ सर्विस
नई दिल्ली, जनवरी 27, 2010
महिंदा राजपक्षे
गृहयुद्ध समाप्त होने के बाद हुये पहले चुनावों में मतदाताओं ने उत्साह के साथ भाग लिया और करीब 70 प्रतिशत निर्वाचकों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया. हालांकि राष्ट्रपति पद के लिये 22 प्रत्याशी मैदान में हैं. लेकिन मुख्य मुकाबला 64 वर्षीय राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे और पूर्व थलसेनाध्यक्ष सरथ फोनसेका के बीच है.
इन दोनों को ही तमिल विद्रोहियों के खिलाफ युद्ध में विजय हासिल करने का श्रेय दिया जाता है.
हालांकि राष्ट्रपति राजपक्षे का कार्यकाल पूरा नहीं हुआ था लेकिन लिट्टे को हराने के बाद उमड़े जन समर्थन का लाभ लेने के लिये उन्हें समय से पूर्व चुनाव कराने का फैसला लिया था. लेकिन उनको चुनौती भी मिली तो अपने ही जनरल से.
चुनाव प्रचार के दौरान दोनों ही पक्षों ने एक दूसरे पर भ्रष्टाचार और युद्ध अपराध के आरोप लगाये थे. श्रीलंका के विदेशमंत्री रोहिथा बोगोलगामा ने आरोप लगाया था कि सेना से भागे हुये 800 सैनिक जनरल फोनसेका के साथ मिलकर चुनाव में गड़बड़ी फैला सकते हैं.
पूर्वथलसेनाध्यक्ष जनरल सरथ फोनसेका
जबकि जनरल फोनसेका ने आरोप लगाया है कि सरकार ने राजधानी कोलंबो में सेना की 5 बटालियनों को तैनात किया है जोकि इस बात का संकेत है कि उनके चुनाव जीतने की हालत में सैनिक तख्ता पलट किया जा सकता है.
लेकिन मतदान के दौरान हिंसा की खबरें भी मिलीं. रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता उदया ननयाक्कारा ने कहा, "आज सुबह जाफना के वेल्वेथुराई में दो पेट्रोल बम फेंके गये. लेकिन इन धमाकों में किसी के घायल होने की खबर नहीं है."
इन चुनावों पर निगरानी रखने के लिये 20 अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षक श्रीलंका में हैं. इनके अलावा 3,700 स्थानीय चुनाव पर्यवेक्षकों ने चुनाव प्रक्रिया पर निगरानी रखी. मतगणना के प्रारंभिक रुझान बुधवार शाम तक मिलने की उम्मीद है.