'सुखना जमीन घोटाला मामले' में लेफ्टिनेन्ट जनरल अवधेश प्रकाश का कोर्ट मार्शल होगा
मेरी सरकार न्यूज़ सर्विस
नई दिल्ली, जनवरी 29, 2010
ले. जनरल अवधेश प्रकाश
रक्षामंत्री एके अन्टोनी द्वारा उनकी संस्तुति को उलट देने के बाद थलसेनाध्यक्ष जनरल दीपक कपूर के पास इसके अलावा कोई रास्ता भी नहीं बचा था. सुखना भूमि घोटाला मामले में उन्होंने लेफ्टिनेन्ट जनरल अवधेश प्रकाश के विरुद्ध केवल विभागीय कार्यवाही की संस्तुति की थी.
रक्षा मंत्रालय के इतिहास में यह पहला ऐसा मामला है जिसमें रक्षामंत्री ने थलसेनाध्यक्ष की संस्तुति को उलट दिया हो.
सैन्य अधिकारियों ने कहा, "थलसेनाध्यक्ष ने लेफ्टिनेन्ट जनरल अवधेश प्रकाश के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू करने का आदेश दिया है. अब सुखना भूमि घोटाले के मामले में उनका कोर्ट मार्शल किया जायेगा."
लेफ्टिनेन्ट जनरल अवधेश प्रकाश सेना के इतिहास में पहले तीन सितारा जनरल हैं जिनका कोर्ट मार्शल किया जायेगा. अभी वह थलसेना में बहुत ही अहम सैनिक सचिव के पद पर हैं और इस महीने की 31 तारीख को सेवानिवृत्त हो रहे हैं.
रक्षा मंत्रालय के सूत्रों ने मीडिया को बताया कि सेवानिवृत्ति के बाद भी ले. जनरल प्रकाश पर थलसेना कानून लागू रहेगा और उनके खिलाफ कोर्ट मार्शल की प्रक्रिया पर कोई असर नहीं पड़ेगा.
लेफ्टिनेन्ट जनरल अवधेश प्रकाश, 33वीं कोर के पूर्व कमाण्डर ले. जनरल पी. के. राथ और उनके चीफ ऑफ स्टाफ ले. जनरल रमेश हलगली और एक मेजर जनरल पी. सी सेन को सुखना भूमि घोटाले में एक बिल्डर को लाभ पंहुचाने का दोषी पाया गया था.
रक्षामंत्री ने सख्त रवैया अपनाया
भावी थलसेनाध्यक्ष और सेना की पूर्वी कमान के कमाण्डर लेफ्टिनेन्ट जनरल वीके सिंह ने ले. जनरल प्रकाश को सेना से बर्खास्त करने और अन्य तीन अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही की संस्तुति की थी.
लेकिन थलसेनाध्यक्ष ने रक्षा मंत्रालय से ले. जनरल के खिलाफ भी केवल विभागीय कार्यवाही करने की संस्तुति की थी.
सैनिक सचिव का पद थलसेना के सबसे अहम पदों में से एक है जो थलसेनाध्यक्ष को अधिकारियों की तैनाती और स्थानान्तरण के बारे में परामर्श देता है.