अगले नौ महीनों में ब्याज दरें बढ़ने की संभावना कम: केवी कामथ
मेरी सरकार न्यूज़ सर्विस
नई दिल्ली, फरवरी 05, 2010
ब्याज दर में 9 महीनों तक वृद्धि मुश्किल: कामथ
आईसीआईसीआई बैंक के अध्यक्ष केवी कामथ ने कहा कि बाज़ार में पर्याप्त मात्रा में नकद पैसा उपलब्ध है और अगले 9 महीनों तक ब्याज दरों के बढ़ने की संभावना नहीं है.
श्री कामथ ने दिल्ली में पत्रकारों से कहा, "मेरा अपना आंकलन ये है कि इतना ज्यादा तरल धन मौजूद है, और अर्थव्यवस्था अंदर से काफी मजबूत है इसलिये इस साल के अंत तक ही बाजा़र में मौजूद नकद धन में कुछ कमी दिखाई देगी तब ब्याज दरें बढ़ सकती हैं."
उन्होंने आगे कहा, "मुझे नहीं लगता की पहले नौ महीनों में ब्याज दर बढ़ाने का कोई दबाव होगा. मेरा मानना है कि जबतक बाजार में उपलब्ध नकद पैसा कम नहीं होता बैंकों पर ब्याज दर बढ़ाने का कोई दबाव नहीं होगा. इसलिये तब तक कुछ नहीं होगा."
हाल ही में रिजर्व बैंक ऑफ इण्डिया द्वारा नकदी सुरक्षित अनुपात (सीआरआर) बढ़ाये जाने पर टिप्पणी करते हुये श्री कामथ ने कहा कि रिजर्व बैंक के इस निर्णय से साफ है कि वह महंगाई पर निगाह रखे हुये है और सावधानी बरत रहा है.
उन्होंने कहा कि बाज़ार में इतना ज्यादा नकद धन मौजूद है कि रिजर्व बैंक के इस निर्णय से ब्याज दरों पर तुरन्त कोई असर नहीं पड़ने वाला है.
पिछले सप्ताह रिजर्व बैंक ने सीआरआर में 0.75 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी की थी. ये वो धन है जो बैंको को रिजर्व बैंक के पास रखना होता है और इसे वो कर्ज देने में या निवेश करने में प्रयोग नहीं कर सकते हैं.
जानकारों के अनुसार सीआरआर बढ़ाने से बैंकों के पास कर्ज देने के लिये जो धन उपलब्ध है उसमें 36 हजार करोड़ रुपये की कमी आ जायेगी.