आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय ने राज्य में मुस्लिमों के लिये 4 प्रतिशत आरक्षण के राज्य सरकार के निर्णय को रद्द किया
मेरी सरकार न्यूज़ सर्विस
नई दिल्ली, फरवरी 08, 2010
मुस्लिमों के लिये अलग आरक्षण को रद्द किया
उच्च न्यायालय ने आज मंगलवार को राज्य सरकार के धार्मिक अल्पसंख्यकों को शिक्षण संस्थानों और सरकारी नौकरियों में चार प्रतिशत आरक्षण देने के आदेश को रद्द कर दिया है.
2004 के बाद से यह तीसरी बार है जब राज्य सरकार के धार्मिक अल्पसंख्यकों को आरक्षण देने के निर्णय को वहां के उच्च न्यायालय ने नकार दिया हो.
इस मामले में अपना निर्णय सुनाते हुये न्यायालय ने कहा कि अल्पसंख्यकों के आरक्षण बनाये रखना संभव नहीं होगा और इसे लागू नहीं किया जा सकता है.
हालांकि न्यायालय ने आदेश दिया कि शिक्षण संस्थानों में 2007 से अब तक जिन छात्रों को इस कोटे के आधार पर प्रवेश दिया जा चुका है उन पर कोई असर नहीं पड़ेगा.
2007 में तत्कालीन मुख्यमंत्री वाई एस राजशेखर रेड्डी ने सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में मुस्लिमों को चार प्रतिशत आरक्षण देने का कानून बनाया था. इस निर्णय को कांग्रेस सरकार के लिये बड़े झटके के तौर पर देखा जा रहा है.
कुछ व्यक्तियों और संस्थानों ने इस विधेयक को असंवैधानिक बताते हुये न्यायालय में चुनौती दी थी.
2004 और 2005 में भी राज्य सरकार ने मुस्लिमों को पांच प्रतिशत आरक्षण देने की घोषणा की थी जिसे उच्च न्यायालय ने रद्द कर दिया था.