जम्मू कश्मीर में हिमस्खलन की चपेट में आने से थलसेना के 17 जवानों की मृत्यु
मेरी सरकार न्यूज़ सर्विस
नई दिल्ली, फरवरी 08, 2010
ऊंचाई पर युद्धकला का अभ्यास करते भारतीय सैनिक (फाइल)
गुलमर्ग के निकट बर्फ धसकने से फंसे सेना के जवानों को बचाने के लिये चलाये जा रहे राहत अभियान को अधिकारियों ने सोमवार देर शाम को बंद कर दिया है.
इस घटना में थलसेना के 16 जवानों और एक लेफ्टिनेन्ट की मौत हो गई है हालांकि वहां फंसे अन्य सभी लोगों को बचा लिया गया है.
लेकिन 17 लोगों की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है. बर्फ में दबने की वजह से इन लोगों की हड्डियां कई जगह से टूट गयी हैं.
ये दुर्घटना उस समय हुई जब प्रसिद्ध पर्यटक स्थल गुलमर्ग के पास एक स्की रिज़ार्ट खिलनमार्ग हिम स्खलन की चपेट में आ गई. इस हिमस्खलन ने कश्मीर में थलसेना के बेहद ऊंचाई पर बने युद्ध प्रशिक्षण केंद्र को भी अपनी चपेट में ले लिया.
जिस समय हिमस्खलन आया उस समय थलसेना के 60 सैनिकों की टुकड़ी घने अंधेरे में बर्फ की दीवारों पर चढ़ने का अभ्यास कर रही थी जो इसकी चपेट में आ गयी.
ये टुकड़ी चुने हुये सैनिकों के उस दल का हिस्सा है जिसमें 350 सदस्य हैं और जिन्हें अत्यधिक ऊंचाई पर युद्ध लड़ने के लिये प्रशिक्षण देने हेतु विशेष रूप से चुना गया है.
रक्षामंत्री एके अन्टोनी ने इस घटना पर खेद प्रकट किया है.