आत्मसमर्पण नीति के बचाव में गुलाम नबी आज़ाद पर बरसे ओमर अब्दुल्ला
मेरी सरकार न्यूज़ सर्विस
नई दिल्ली, फरवरी 10, 2010
स्वास्थ्य मंत्री को बोलने का अधिकार नहीं: ओमर अब्दुल्ला
वरिष्ठ कांग्रेस नेता और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद द्वारा राज्य सरकार की 'आत्मसमर्पण नीति' को राष्ट्र की सुरक्षा के लिये खतरा बताये जाने पर ओमर अब्दुल्ला ने कड़ा विरोध किया है.
राज्य में कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन सरकार के मुखिया ओमर अब्दुल्ला ने कहा, "ये मामला राज्य सरकार और केंद्रीय गृहमंत्रालय के बीच का है, स्वास्थ्य मंत्रालय के लिये इसमें बीच में बोलने की जरूरत नहीं है."
पिछले सप्ताह दिल्ली में आंतरिक सुरक्षा के मसले पर मुख्यमंत्रियों की बैठक में ओमर अब्दुल्ला ने पाकिस्तान के आतंकवादी शिविरों में प्रशिक्षित कश्मीरी युवकों की वापसी और पुनर्वास की वकालत की थी.
ओमर अब्दुल्ला ने कहा था कि इनका पुनर्वास नहीं किये जाने की हालत में इन युवकों के दोबारा बंदूक उठाने का खतरा बना रहता है.
लेकिन ओमर अब्दुल्ला से पहले कांग्रेस पीडीपी गठबंधन सरकार में मुख्यमंत्री रहे गुलाम नबी आज़ाद ने इसका कड़ा विरोध किया था.
गुलाम नबी आज़ाद ने कहा था, "इस बात की जिम्मेदारी कौन लेगा कि ये युवक दोबारा आतंकवादी गतिविधियों में लिप्त नहीं होंगे या पाकिस्तान इन युवकों के पुनर्वास के नाम पर भारत में आतंकवादी ढकेलना शुरू नहीं करेगा."