पाकिस्तानी कब्जे वाले कश्मीर के लोग वापस भारत आना चाहें उनका स्वागत है: चिदंबरम
मेरी सरकार न्यूज़ सर्विस
नई दिल्ली, फरवरी 11, 2009
पाक अधिकृत कश्मीर से वापस आने पर स्वागत:गृहमंत्री
मुख्यमंत्री ओमर अब्दुल्ला की आत्मसमर्पण नीति पर बोलते हुये केंद्रीय गृहमंत्री पी. चिदंबरम ने कहा कि भारत सरकार कश्मीर के उन नौजवानों को वापस लेने को तैयार है जो उग्रवाद का प्रशिक्षण लेने के लिये पाकिस्तानी कब्जे वाले कश्मीर गये थे और अब उग्रवाद छोड़कर भारत वापस आना चाहते हैं.
इस मामले में राज्य के मुख्यमंत्री ओमर अब्दुल्ला और गुलाम नबी आज़ाद के बीच बयानबाजी पर टिप्पणी करते हुये उन्होंने कहा था कि ओमर अब्दुल्ला का विचार स्वागत योग्य है.
हालांकि राज्य के वरिष्ठ कांग्रेसी नेता गुलाम नबी आज़ाद ने कहा था कि इस बात की गारंटी कौन लेगा कि ये लोग दोबारा उग्रवाद फैलाने में शामिल नहीं होंगे.
मुख्यमंत्री ओमर अब्दुल्ला ने कल श्री आज़ाद के बयान पर टिप्पणी करते हुये कहा था कि ये मामला स्वास्थ्य मंत्रालय के कार्यक्षेत्र में नहीं आता है और इस पर कुछ कहने का अधिकार केवल गृहमंत्रालय को ही है.
चिदंबरम ने आज नई दिल्ली में कहा, "इस विचार का स्वागत है और इस पर अमल किये जाने की जरूरत है. हालांकि उन्होंने कहा कि इन लोगों की पहचान, इनकी पृष्ठभूमि की छानबीन और पुनर्वास के तरीकों पर विचार करने के बाद ही कोई योजना बनायी जानी चाहिये.
श्री चिदंबरम ने कहा कि पाकिस्तानी कब्जे वाला कश्मीर वास्तव में भारत का ही हिस्सा है और यदि कुछ लोग किन्हीं वजहों से वहां गये थे तो उनके लौटने पर सरकार को कोई आपत्ति नहीं है.