'कुछ गलतियों' की वजह से सरकार माओवादियों का हमला रोकने में विफल रही: चिदंबरम
मेरी सरकार न्यूज़ सर्विस
नई दिल्ली, फरवरी 16, 2010
सरकार से 'कुछ गलतियां' हुयीं: चिदंबरम
गृहमंत्री पी. चिदंबरम ने सोमवार को जारी एक वक्तव्य में स्वीकार किया है कि पश्चिम बंगाल में माओवादियों के ईस्टर्न रायफल्स के शिविर पर हमले को रोक पाने में सरकार विफल रही है.
उन्होंने माना कि सरकार और गुप्तचर संस्थाओं से 'कुछ चूक' जरूर हुयी है जिसकी वजह से चालीस जवानों के मौजूद रहते हुये माओवादी शिविर पर हमला करके 24 जवानों की हत्या करने में कामयाब रहे.
श्री चिदंबरम ने कहा, "कुछ खामियों के संकेत मिले हैं लेकिन विस्तृत जांच के बाद ही पता चल पायेगा कि कैसे इतने जवानों के मौजूद रहते हुये सीपीआई (माओवादी) के सदस्य दिन दहाड़े शिविर पर हमला करके इसे तहस-नहस करने में कामयाब रहे."
गृहमंत्री ने कहा कि पूरी जांच के बाद ही पता चल पायेगा कि क्या चूक हुयी. उन्होंने कहा कि विधि द्वारा स्थापित सरकार को चुनौती देने और डराने के लिये माओवादियों ने ऐसा किया है.
उन्होंने कहा, "मैं इस हमले की भर्त्सना करता हूं. इसमें बहुत लोगों की जान गयी. इसके अलावा 40 हथियार भी लूटे गये हैं. सीपीआई (माओवादी) के नेताओं ने हमले की जिम्मेदारी लेते हुये ऐसे और हमले करने की धमकी दी है."
सोमवार शाम को पश्चिम बंगाल के पश्चिम मिदनापुर जिले के सिल्दा में ईस्टर्न फ्रन्टियर रायफल्स के शिविर पर माओवादियों के हमले में 24 जवानों की मौत हो गई थी और दस घायल हो गये हैं. कई जवानों का अब तक पता नहीं चल पाया है.
माओवादियों के नेता कोटेश्वर राव उर्फ 'किशनजी' ने मीडिया को फोन करके हमले की जिम्मेदारी स्वीकार की थी. किशनजी ने आपरेशन ग्रीनहंट को बंद नहीं करने की हालत में ऐसे और हमले करने की धमकी दी थी.
किशनजी ने कहा था कि सरकार के ग्रीनहंट के जवाब में यह उनका 'पीसहंट' है. नक्सल प्रभावित राज्यों में केंद्र और राज्य सरकारों के संयुक्त अभियान को सरकार ने ऑपरेशन ग्रीन हंट का नाम दिया है.