अप्रैल से बैंक बेस रेट के आधार पर ऋण देंगे: रिजर्व बैंक
मेरी सरकार न्यूज़ सर्विस
नई दिल्ली, फरवरी 12, 2010
अप्रैल से बेस रेट पर कर्ज: सुबीर गोकरण
रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर सुबीर गोकरन ने स्पष्ट किया है कि केंद्रीय बैंक ब्याज दरों के बारे में अप्रैल 2010 तक कोई भी नीतिगत निर्णय नहीं लेगा और मौजूदा दरें भी तबतक लागू रहेंगी.
नयी दिल्ली में एक कार्यक्रम में बोलते हुये सुबीर गोकरण ने कहा कि अगले वित्तीय वर्ष से बैंकों को ऋण देने के लिये बेस रेट को आधार बनाना होगा क्योंकि वर्तमान बीपीएलआर व्यवस्था में कोई पारदर्शिता नहीं है.
सभी संबंधित पक्षों की राय जानने के लिये रिजर्व बैंक पहले ही दिशा निर्देशों का प्रारूप जारी कर चुका है ताकि सभी की राय जानी जा सके और उपभोक्ताओं और ऋण लेने वालों के लिये सबसे बेहतर निर्णय लिया जाये.
मौजूदा बीपीएलआर व्यवस्था में अलग-अलग बैंक अपने उपभोक्ताओं से अलग-अलग ब्याज वसूलते हैं.
इस व्यवस्था में बीपीएलआर कम होने पर नये ग्राहकों को तो सस्ता कर्ज मिलता है लेकिन जिन ग्राहकों ने पहले से कर्ज ले रखा है उन्हें ज्यादा राहत नहीं मिल पाती है.
लेकिन इसके विपरीत बीपीएलआर बढ़ने की हालत में बैंक पुराने उपभोक्ताओं की ईएमआई बढ़ाने में देरी नहीं करते हैं जिससे निपटने के लिये रिजर्व बैंक ने बीपीएलआर (बेसिक प्राइम लेण्डिंग रेट) की जगह बेस रेट को आधार बनाकर कर्ज देने का प्रस्ताव रखा है.