नक्सलियों से लडा़ई के लिये मजबूत दिल और दिमाग की जरूरत: चिदंबरम
मेरी सरकार न्यूज़ सर्विस
नई दिल्ली, फरवरी 19, 2010
सशक्त मस्तिष्क और ह्रदय के साथ धैर्य भी जरूरी: गृहमंत्री
गृहमंत्री पी. चिदंबरने शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में मान ही लिया कि नक्सल समस्या सरकार के अनुमान से कहीं बहुत ज्यादा गंभीर है.
नई दिल्ली में महिला प्रेस क्लब में पत्रकारों से बात करते हुये उन्होंने कहा, "जबतक सुरक्षाबलों ने माओवादियों को निशाना बनाना नहीं शुरू किया था वे लोग बहुत खुश थे."
गृहमंत्री ने कहा, "नक्सल विरोधी अभियान में विजय हासिल करने के लिये दिल और दिमाग का बहुत मजबूत होना चाहिये और इसके अलावा इस लंबी लड़ाई में टिके रहने की क्षमता भी सुरक्षाबलों के पास होनी चाहिये."
श्री चिदंबरम ने कहा, "सुरक्षा और बेहतर प्रशासन के अलावा क्षेत्रीय आकांक्षाओं, भाषा और जाति संबंधी मुद्दों को भी ध्यान में रखना होगा क्योंकि ये सब बेहद महत्वपूर्ण हैं."
श्री चिदंबरम ने पत्रकारों से बातचीत में माना कि यह समय सरकार के लिये बेहद चुनौती भरा है. उन्होंने कहा कि हम लोग सच्चाई को स्वीकार करने को तैयार नहीं थे जिसकी वजह से गृहमंत्री के रूप में मेरी मुश्किलें बहुत बढ़ गयी हैं.