मेरी सरकार न्यूज़ सर्विस
नई दिल्ली, फरवरी 21, 2010
सरकार किसी भी मुद्दे पर चर्चा को तैयार: प्रधानमंत्री
सोमवार को दोनों सदनों के संयुक्त अधिवेशन में राष्ट्रपति प्रतिभा देवीसिंह पाटिल के अभिभाषण से बजट सत्र की औपचारिक शुरुआत होगी. इस अभिभाषण में राष्ट्रपति सरकार की नीतियों और कार्यक्रमों की जानकारी संसद को देंगी.
हालांकि इस बार बजट सत्र के काफी हंगामेदार और शोरशराबे भरा रहने की उम्मीद है.
मुख्य विपक्षी दल भाजपा ने सरकार से कहा है कि बजट सत्र के पहले कामकाजी दिन यानी 23 फरवरी को दोनों सदनों में महंगाई पर बहस करायी जाये.
वामपंथी दलों के साथ-साथ सरकार के दो प्रमुख सहयोगी दलों द्रमुक और तृणमूल कांग्रेस ने भी इस विषय पर जल्द से जल्द बहस कराने की मांग की है.
लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने कहा है कि सरकार यदि पहले कामकाजी दिन महंगाई के मुद्दे पर बहस कराने की उनकी पार्टी की मांग मान लेती है तो सदन की गतिविधियों में गतिरोध नहीं पैदा होने का भरोसा वे दे सकती हैं.
सीपीआई ने कहा यदि महंगाई के मुद्दे पर बहस नहीं करायी गयी तो वह स्थगन प्रस्ताव लायेगा.
प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह पहले ही कह चुके हैं सरकार महंगाई और पाकिस्तान के साथ प्रस्तावित विदेश सचिव स्तर की बातचीत सहित किसी भी मुद्दे पर चर्चा कराने को तैयार है.
आंतरिक सुरक्षा, आतंकवाद और रंगनाथ मिश्र आयोग की सिफारिशों को आधार बनाकर धार्मिक अल्पसंख्यकों को आरक्षण देने के मुद्दे भाजपा सरकार को घेरने की कोशिश करेगी.
भाजपा पहले ही कह चुकी है जम्मू-कश्मीर को स्वायत्तता देने और मुख्यमंत्री ओमर अब्दुल्ला की 'आत्मसमर्पण नीति' का वह पुरजोर विरोध करेगी.
इस बार का रेल बजट 24 फरवरी को और आम बजट 26 फरवरी को पेश किया जायेगा.