अमरीकी दबाव में पाकिस्तान से वार्ता शुरू करने के भाजपा के आरोप पर प्रधानमंत्री और आडवाणी के बीच संसद में तीखी बहस
मेरी सरकार न्यूज़ सर्विस
नई दिल्ली, मार्च 03, 2010
अमेरिकी दबाव से प्रधानमंत्री का इंकार
बुधवार को लोकसभा में इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और भाजपा संसदीय पार्टी के अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी के बीच तीखी बहस हुयी.
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भाजपा के इस आरोप को नकार दिया कि सरकार ने अमेरिका के दबाव में पाकिस्तान से बातचीत आरंभ की है.
प्रधानमंत्री ने लगातार इस बात को दोहराया कि राष्ट्रपति ओबामा के पद संभालने के बाद अमेरिका की भारत-पाकिस्तान के प्रति नीति में कोई बदलाव नहीं हुआ है.
इन आरोपों को बेहद संगीन मानते हुये प्रधानमंत्री डॉ. सिंह ने श्री आडवाणी के 75 मिनट लंबे भाषण के दौरान कम से कम पांच बार उन्हें टोका जिसके बाद दोनों के बीच तीखी बहस हुयी.
भाजपा ने सरकार से भारत-पाक संबंधों पर उसकी नीति स्पष्ट करने को कहा था.
दबाव में पाकिस्तान से बात शुरू हुयी
भाजपा संसदीय पार्टी के अध्यक्ष श्री आडवाणी ने अपने भाषण में आरोप लगाया था कि राष्ट्रपति ओबामा ने अपने चुनाव प्रचार के दौरान लगातार कहा था कि जीतने के बाद वे कश्मीर समस्या को सुलझाने का प्रयास करेंगे.
श्री आडवाणी का कहना था कि इससे पहले के अमरीकी प्रशासनों की नीति दोनों देशों के बीच मध्यस्थता नहीं करने की रही थी.
इसका जवाब देते हुये प्रधानमंत्री ने कहा, "मेरी राष्ट्रपति ओबामा से जब भी बात हुई है उन्होंने हमेशा कहा है कि अमेरिका की भारत-पाक नीति में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है."
इसके अलावा सेना में 'एक पद और एक पेन्शन' के मुद्दे पर श्री आडवाणी की सरकार को घेरने की कोशिश पर प्रधानमंत्री ने कड़ी आपत्ति की.
प्रधानमंत्री ने कहा, "आप इस बहस का प्रयोग सरकार और सैन्य बलों के बीच खाई पैदा करने के लिये कर रहे हैं."