सरकारी कंपनियों की महिला कर्मचारी निजी क्षेत्र की तुलना में ज्यादा खुश: सर्वे
मेरी सरकार न्यूज़ सर्विस
नई दिल्ली, मार्च 07, 2010
सरकारी क्षेत्र की महिलायें अपनी नौकरियों से ज्यादा संतुष्ट
उद्योग संस्था एसोचैम द्वारा कराये गये एक सर्वे में यह राय निकल कर सामने आयी है. सर्वे में पाया गया है कि बीपीओ और केपीओ में काम करने वाली महिलाओं को वेतन भले ही ज्यादा मिल रहा हो लेकिन वे अपनी नौकरी से संतुष्ट नहीं हैं.
एसोचैम के सर्वे में कहा गया है, "सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में काम कर रही महिलायें अपनी नौकरी से सबसे ज्यादा संतुष्ट थीं. दस अंकों के पैमाने पर उन्होंने सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में काम करने को 7 अंक दिये. जबकि बीपीओ और केपीओ में काम करने वाली महिलायें अपनी नौकरी से सबसे ज्यादा असंतुष्ट दिखीं. उन्होंने अपनी मौजूदा नौकरी को केवल चार अंक ही दिये."
इस सर्वे में 773 महिलाओं ने भाग लिया और अधिकांश ने सरकारी क्षेत्र की कंपनियों और बैंकों में काम करने की इच्छा जतायी.
सर्वे में कहा गया है, "अधिकांश कामकाजी महिलाओं ने सरकारी बैंकों, पावर और पेट्रोलियम क्षेत्र की कंपनियों में काम करने की इच्छा जाहिर की."
इन महिलाओं ने कहा कि सरकारी क्षेत्र में नौकरी तो सुरक्षित रहती ही है पैसा भी बढ़िया मिलता है. इसके अलावा काम के घण्टे भी उनके लिये सुविधाजनक हैं और दफ्तर में कामकाज का बेहतर माहौल भी उनके लिये एक आकर्षण था.
इसके विपरीत बीपीओ/केपीओ में काम कर रही महिलाओं ने नौकरी में तरक्की और व्यक्तिगत विकास की समस्यायें सामने रखीं. इन क्षेत्रों में काम कर रही महिलाओं ने कहा कि उन्हें बड़े निर्णय लेने की प्रक्रिया से बाहर रखा जाता है. उन्होंने कामकाज के घण्टों और लक्ष्य हासिल करने के लिये पड़ने वाले दबाव जैसी समस्याओं को लेकर भी असंतोष जताया.
सर्वे में कहा गया है कि मीडिया और मनोरंजन, सेवा क्षेत्र, आईटी, पर्यटन, सामाजिक और आर्थिक संगठनों में काम कर रही महिलायें अपनी नौकरी से संतुष्ट नहीं थीं.
सर्वे के अनुसार इन सभी क्षेत्रों में काम कर रही महिलाओं ने अपनी नौकरी से संतुष्ट होने को दस में से केवल चार अंक ही दिये.