1996 लाजपत नगर बम हमले के तीन दोषियों को मृत्युदण्ड
मेरी सरकार न्यूज़ सर्विस
नई दिल्ली, अप्रैल 22, 2010
दिल्ली की लाजपत नगर मॉर्केट (फॉइल फोटो)
दिल्ली के एक न्यायालय ने बृहस्पतिवार को 1996 में लाजपत नगर के भीड़ भरे सेंट्रल बाजार में बम हमला करने के दोषी तीन आतंकवादियों को मौत की सजा सुनायी है. न्यायाधीश ने अपने निर्णय में कहा कि मोहम्मद नौशाद, मिर्ज़ा निसार हुसैन और मोहम्मद अली बट्ट का अपराध अधिकतम दण्ड दिये जाने के योग्य है.
पुलिस ने इस मामले में 10 लोगों पर अभियोग लगाये थे. न्यायालय ने इनमें से चार को पर्याप्त साक्ष्यों के अभाव में दोष मुक्त कर दिया है जबकि इन तीन के अलावा तीन अन्य, जावेद अहमद ख़ान, फारुक़ अहमद ख़ान और एक महिला फरीदा डार को हमले में शामिल होने का दोषी पाया गया है.
मामला
इन लोगों ने उच्च क्षमता के विस्फोटक से लदी चोरी की एक मारुति कार को लाजपत नगर के भीड़ भरे बाजार में 21 मई 1996 को खड़ा किया था. शाम को साढ़े 6 बजे इस कार में विस्फोट हुआ जिसकी वजह से 13 लोगों की जान चली गयी और 38 अन्य घायल हो गये.
दिल्ली पुलिस ने इस हमले के तुरंत बाद इस संबंध में 10 लोगों को गिरफ्तार किया था. हमलावरों ने मीडिया संस्थानों को फोन करके हमले की जिम्मेदारी अपने ऊपर ली थी और इन्हीं फोन कॉल के जरिये पुलिस इन तक पहुंची थी.
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किये गये सभी 10 लोग कश्मीरी थे.