पंचायती संस्थायें माओवादी समस्या से निपटने का बढ़िया तरीका: प्रधानमंत्री
मेरी सरकार न्यूज़ सर्विस
नई दिल्ली, अप्रैल 24, 2010
माओवादियों की चुनौती से पंचायतों के जरिये निपटा जा सकता है: प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने शनिवार को कहा कि पंचायती संस्थाओं को सशक्त बनाकर माओवादियों की चुनौती से निपटा जा सकता है. उन्होंने कहा कि पंचायती संस्थायें ग्रामीण इलाकों में निर्धनों और उपेक्षित और वंचित लोगों की सरकार में भागीदारी और सशक्तीकरण का बेहतरीन माध्यम हैं.
नई दिल्ली के विज्ञान भवन में पंचायती राज दिवस के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुये उन्होंने कहा, "हमें इस बात पर विशेष ध्यान देना होगा कि दूर-दराज और पिछड़े इलाकों और आदिवासी इलाकों में स्थित पंचायतें प्रभावी ढंग से काम करें. इससे हमें माओवादियों की चुनौती से निपटने में मदद मिलेगी."
उन्होंने कहा कि स्थानीय आवश्यकताओं को समझने के लिये पंचायती संस्थाओं की विभिन्न विकास कार्यक्रमों में भागीदारी आवश्यक है.
उन्होंने कहा कि पंचायती संस्थायी सरकार के कामकाज में पारदर्शिता लाने और जवाबदेही तय करने का बढ़िया माध्यम हैं.
उन्होंने 600 जिला पंचायतों, 6000 माध्यमिक स्तर की पंचायतों और 2.3 लाख से अधिक ग्राम पंचायतों में तय समय पर चुनाव कराये जाने पर संतोष प्रकट किया.
प्रधानमंत्री ने कहा कि 10 लाख से अधिक महिलायें पंचायतों के माध्यम से निर्वाचित प्रतिनिधि के तौर पर लोकतंत्र में भागीदार बनी हैं जो कि उनके लिये नियत 33 प्रतिशत स्थान से कहीं अधिक है.
उन्होंने कहा कि पंचायतों में महिलाओं के लिये आरक्षण को बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने से ये संख्या बढ़कर 14 लाख से अधिक हो जायेगी.
प्रधानमंत्री ने कहा कि पंचायती संस्थाओं की वजह से 28 लाख जन प्रतिनिधि विकास और सरकार के कामकाज से सीधे तौर पर जुड़े हुये हैं.