26 नवंबर 2008 के हमले के 17 महीने के बाद इस मामले की सुनवाई कर रहे विशेष न्यायालय का निर्णय आज सोमवार को आने की संभावना है. ऑर्थर रोड जेल में इस मामले की सुनवाई कर रहे विशेष न्यायाधीश एम. एल. ताहिलियानी एक मात्र जीवित पकड़े गये पाकिस्तानी हमलावर अजमल आमिर कसाब और दो भारतीय षड़यंत्रकारियों के दोषी होने या नहीं होने पर अपना निर्णय सुनायेंगे.
इस मामले की सुनवाई पिछले साल 8 मई को आरंभ हुयी थी. इस विशेष न्यायालय ने 271 कार्यदिवसों में 658 प्रत्यक्षदर्शियों के बयान लेने और 3,192 पेज के साक्ष्य दर्ज करते हुये एक रिकॉर्ड समय में इस मामले की सुनवाई पूरी की है.
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के फरीदकोट शहर के मूल निवासी कसाब और 9 अन्य सहयोगियों पर लश्कर-ए-तैयबा के इशारे पर 166 व्यक्तियों की हत्या करने और 304 अन्य लोगों को घायल करने का आरोप है.
इस मामले में दो अन्य अभियुक्तों फहीम अंसारी और सबाउद्दीन अहमद पर हमले के लिये निशानों की पहचान करने और उनके नक्शे उपलब्ध करवाने का आरोप है.