मद्रास उच्च न्यायालय ने केंद्र को जाति आधारित जनगणना कराने का निर्देश दिया
मेरी सरकार न्यूज़ सर्विस
नई दिल्ली, मई 13, 2010
जातिगत आधारित जनगणना हो: मद्रास हाई कोर्ट
मद्रास उच्च न्यायालय की एक खण्डपीठ ने एक वकील आर. कृष्णमूर्ति की जनहित याचिका को सुनवाई के लिये स्वीकार करते हुये केंद्र सरकार को ऐसा करने का नया आदेश दिया है.
कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश एलिपे धर्म राव और न्यायाधीश टी. एस. शिवगननम ने याचिकाकर्ता को राहत देते हुये कहा कि न्यायालय पहले ही इस मामले में केंद्र को ऐसा करने के लिये कह चुका है.
अक्टूबर 2009 में एक निर्णय में मद्रास उच्च न्यायालय ने कहा था कि 1931 के बाद से देश में कभी भी जाति आधारित जनगणना नहीं करायी गयी है.
पिछले सप्ताप प्रधानमंत्री ने संसद को भरोसा दिलाया था कि सरकार इसके लिये जरूरी कदम उठाने को तैयार है.
लोकसभा में इस मुद्दे पर बहस के दौरान बोलते हुये प्रधानमंत्री ने ऐसा कहा था. कुछ राजनीतिक दलों का विचार है कि जाति आधारित जनगणना के बाद सरकार की नीतियों को ठीक से लागू करने के लिये आवश्यक आंकड़े मिल सकते हैं.