मंगलवार शाम को गृहमंत्रालय के सूत्रों ने इस बात की पुष्टि कर दी कि राष्ट्रपति प्रतिभा देवी सिंह पाटिल ने संघीय कैबिनेट के उस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है जिसमें उनसे झारखण्ड में राष्ट्रपति शासन लगाने की संस्तुति की गयी थी.
हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि विधानसभा को बर्खास्त नहीं किया गया है बल्कि उसे निलंबन की स्थिति में रखा गया है. मंगलवार सुबह प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुयी कैबिनेट की बैठक में इस बात का निर्णय लिया गया था.
झारखण्ड के राजनीतिक दलों से बात करने के बाद कल सोमवार को राज्यपाल एम. ओ. एच. फारूक ने केंद्र से वहां पर राष्ट्रपति शासन लागू करने की सिफारिश की थी.
भाजपा द्वारा शिबू सोरेन सरकार से समर्थन वापसी का निर्णय लेने के बाद राज्यपाल ने शिबू सोरेन को बहुमत साबित करने के लिये 31 मई तक का समय दिया था. लेकिन ऐसा करने में असमर्थ शिबू सोरेन ने 30 मई को ही त्यागपत्र दे दिया था.
राज्य के दोनों बड़े दलों - भाजपा और कांग्रेस ने सरकार बनाने में असमर्थता जाहिर की थी जिसके बाद राज्यपाल ने वहां पर राष्ट्रपति शासन लागू करने की संस्तुति केंद्र से की थी.