कैनेडा को अपने यहां से सिक्ख उग्रवाद को खत्म करना होगा: मनमोहन सिंह
मेरी सरकार न्यूज़ सर्विस
नई दिल्ली, जून 26, 2010
कैनेडा सिक्ख उग्रवाद पर लगाम कसे: मनमोहन सिंह
जी-20 की बैठक में शामिल होने के लिये कैनेडा पहुंचे प्रधानमंत्री ने सिक्ख उग्रवाद के मामले में मेजबान देश को कड़ी चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि भारत के बाहर कुछ लोग आतंकवाद की विचारधारा से गहराई से जुड़े हुये हैं जिसमें कैनेडा भी शामिल है और ये लोग सिक्ख उग्रवाद को जिंदा रखना चाहते हैं. प्रधानमंत्री ने मेजबान देश से कहा कि वह अपनी जमीन से भारत विरोधी गतिविधियों को संचालित नहीं होने दे.
कैनेडा के एक समाचार पत्र को दिये साक्षात्कार में उन्होंने कहा, "सिक्ख चरमपंथ, अलगाववाद और उग्रवाद पिछले दो दशकों से भारत के लिये समस्या बना हुआ है. आज पंजाब में शांति है और वहां विकास और सम्पन्नता है. लेकिन भारत के बाहर कुछ लोग हैं जो इस आग को भड़काना चाहते हैं. इनमें से कुछ कैनेडा में भी हैं. ये लोग आतंकवाद से गहराई से जुड़े हुये हैं."
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, जो स्वयं एक सिक्ख है और सिक्ख समुदाय से प्रधानमंत्री बनने वाले पहले व्यक्ति हैं, ने कैनेडा के प्रधानमंत्री स्टीफेन हॉर्पर के साथ हुई पिछली तीन मुलाकातों में कम से कम दो में ये मुद्दा जरुर उठाया है.
एक कैनेडियाई समाचार पत्र ने लिखा है कि भारत 1985 से ही ये मसला कैनेडा के साथ उठाता आ रहा है. 1985 में एयर इंडिया के विमान कनिष्क को सिक्ख उग्रवादियों ने उड़ा दिया था जिसमें 329 लोगों की मौत हो गयी थी.
उन्होंने कहा कि इन लोगों की गतिविधियों भारत और कैनेडा दोनों सरकारों के लिये चिंता का विषय बनी हुयी हैं. डॉ. सिंह ने कहा कि कैनेडा में पनप रहे भारत विरोधी सिक्ख उग्रवाद को भारत में जरा सा भी समर्थन नहीं मिल रहा है और ये उग्रवाद कैनेडा को ही नुकसान पहुंचाने वाला है.