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वित्तमंत्री ने एक समान उत्पाद और सेवाकर पर अपने पत्ते खोले, उत्पाद कर की दर 20 और 12% और सेवाकर की दर 16% रखने का प्रस्ताव
मेरी सरकार न्यूज़ सर्विस
नई दिल्ली, जुलाई 21, 2010
 
Pranab Mukherjee with state finance ministers.jpg
वस्तु कर 20 और 12%, सेवाकर 16% रखने का प्रस्ताव
वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने बुधवार को नई दिल्ली में राज्यों के वित्तमंत्रियों के साथ इस मुद्दे पर हुई एक अहम बैठक में यह प्रस्ताव रखा. पूरे देश में अगले साल एक अप्रैल से एक समान सेवा और उत्पाद कर (GST) को लागू किया जाना है. जीएसटी लागू होने के बाद केंद्र और राज्य सरकारों के सभी तरह के अप्रत्यक्ष करों को इसी में समाहित कर दिया जायेगा.

वित्तमंत्री ने दलील दी कि वस्तुओं पर करों के दो स्तर 20 और 12% रखने का लाभ यह होगा कि उच्चतम दर 15% ही रहेगी जिसे उद्योग जगत आसानी से स्वीकार कर लेगा.

उन्होंने कहा कि यदि जीएसटी लागू करने से राज्यों के राजस्व में कोई कमी आती है तो केंद्र उसकी भरपाई करने के लिये 13वें वित्त आयोग कि संस्तुति से भी आगे जाने के लिये तैयार है. 13वें वित्त आयोग ने केंद्र सरकार से 50 हजार करोड़ रुपये इस बात के लिये अलग रखने की सिफारिश की थी.

केंद्र ने इसको चरणबद्ध तरीके से लागू करने का प्रस्ताव रखा है. राज्यों के वित्तमंत्रियों ने कहा है कि वे इस प्रस्ताव पर विचार करने के बाद ही इस मुद्दे पर कुछ कहेंगे.
 
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