केंद्र ने उड़ीसा में वेदांता की बॉक्साइट खनन परियोजना को पर्यावरण मंजूरी देने से इंकार किया
मेरी सरकार न्यूज़ सर्विस
नई दिल्ली, अगस्त 24, 2010
केवल तथ्यों के आधार पर निर्णय लिया: जयराम रमेश
केंद्र के इस कदम से अनिल अग्रवाल की कंपनी वेदांता की इस प्रस्तावित परियोजना को बड़ा झटका लगा है. इस परियोजना में वेदांता समूह उड़ीसा में बॉक्साइट के खनन के क्षेत्र में 1.7 अरब डॉलर का निवेश करने की योजना बना रहा था.
सोमवार को नई दिल्ली में पत्रकारों से बात करते हुये केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने कहा कि यह प्रस्तावित परियोजना वन एवं पर्यावरण कानूनों का गंभीर उल्लंघन करती है. उन्होंने कहा कि इस संबंध में वन सलाहकार समिति के सुझावों को स्वीकार कर लिया. समिति ने वेदांता की इस परियोजना को दी गयी अनुमति को वापस लेने का सुझाव दिया था.
श्री रमेश ने उन आरोपों को भी नकार दिया कि सरकार ने उड़ीसा में पॉस्को की परियोजना को मंजूरी देने के लिये कोई डील कर ली है जिसके तहत वेदांता की परियोजना को दी गई पर्यावरण संबंधी मंजूरी वापस ले ली गई है.
उन्होंने कहा कि उनके मंत्रालय ने 2007 में पॉस्को की परियोजना को सैद्धान्तिक अनुमति दे दी तो इसका अभिप्राय यह नहीं है कि वह अनुमति भी स्थायी है. उन्होंने कहा कि सरकार ने पॉस्को को कारण बताओ नोटिस जारी किया है कि उसकी परियोजना द्वारा पर्यावरण कानूनों के गंभीर उल्लंघन को देखते हुये क्यों नहीं यह अनुमति भी रद्द कर दी जाये.
इन दोनों परियोजनाओं को मंजूरी दिलवाने के लिये उड़ीसा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक सोमवार को प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह और वन एवं पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश से मिले भी थे.