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प्रत्यक्ष कर संहिता (DTC) को कैबिनेट की मंजूरी, 2 लाख तक आय पर कर लगाने का प्रस्ताव नहीं
मेरी सरकार न्यूज़ सर्विस
नई दिल्ली, अगस्त 26, 2010
 
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2 लाख रु. वार्षिक आय पर कर लगाने का प्रस्ताव नहीं: वित्तमंत्री
केंद्रीय कैबिनेट ने बृहस्पतिवार शाम को संसद में हुई एक बैठक के बाद नयी प्रत्यक्ष कर संहिता को मंजूरी दे दी है. इसे सोमवार को लोकसभा में पेश किया जाना है इसके बाद इसे विचार के लिये दोनों सदनों की स्थायी समिति के पास भेजा जायेगा.

कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद पत्रकारों से बात करते हुये वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा कि इस नये डॉयरेक्ट टैक्स कोड में सरकार ने दो लाख रुपये तक वार्षिक आय पर कोई कर नहीं लगाने का प्रस्ताव रखा है.

उन्होंने कहा कि कॉरपोरेट टैक्स को 30 प्रतिशत ही बनाये रखने का प्रस्ताव है लेकिन इस पर कोई अधिभार या सेस नहीं लगाया जायेगा.

सरकार ने कहा कि इस नयी प्रत्यक्ष कर संहिता का उद्देश्य कई तरह की छूटों को समाप्त कर एक सरल, पारदर्शी और स्थायी कर प्रणाली का विकास करना है. संसद की मंजूरी मिलने के बाद प्रत्यक्ष कर संहिता पुराने पड़ चुके आयकर कानून 1961 का स्थान लेगी.

इसके अलावा सरकार ने गृहऋण पर चुकाये जाने वाले ब्याज पर कर में छूट को बनाये रखने का प्रस्ताव रखा है.

एक और महत्वपूर्ण कदम के तौर पर सरकार ने भविष्य निधि जैसे PPF, GPF और EPF, एनएससी, डाकघर बचत योजनाओं, बीमा योजनाओं में निवेश, नयी पेंशन योजना 2004 में योगदान देने जैसी योजनाओं में किसी भी चरण पर टैक्स नहीं लगाने का प्रस्ताव रखा है.

प्रस्ताव में कहा गया है कि इन योजनाओं में धन जमा करने, उन पर मिलने वाले ब्याज पर और इन योजनाओं से धन निकालने पर इन तीनों में से किसी भी स्तर पर कर नहीं लगाया जायेगा.
 
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