अनाज का नि:शुल्क वितरण आदेश, ना कि सलाह: सर्वोच्च न्यायालय
मेरी सरकार न्यूज़ सर्विस
नई दिल्ली, अगस्त 31, 2010
अनाज का मुफ्त वितरण आदेश, सलाह नहीं: सर्वोच्च न्यायालय
सर्वोच्च न्यायालय ने मंगलवार को स्पष्ट कर दिया कि उसके भण्डारों में एकत्रित अनाज को सड़ने से बचाने के लिये उसने इस अनाज को गरीबों को मुफ्त बांटने का आदेश दिया था. सर्वोच्च न्यायालय ने सरकार को झिड़की लगाते हुये कहा कि यह सलाह नहीं थी जैसा कि सरकार दिखाने की कोशिश कर रही है.
न्यायालय ने सरकार के वकील से कहा, "यह एक परामर्श भर नहीं था. यह हमारा आदेश है. आप मंत्री को बताइये."
न्यायाधीश दलवीर भण्डारी और दीपक वर्मा की खण्डपीठ ने समाचार पत्रों की उन रिपोर्टों को संज्ञान में लेते हुये कहा जिसमें कृषि और खाद्य मंत्री शरद पवार को यह कहते हुये उद्धृत किया गया था कि न्यायालय ने ऐसा कोई आदेश नहीं दिया था और यह केवल सलाह भर थी.
शरद पवार ने कहा था, "सर्वोच्च न्यायालय की इस सलाह (अनाज के मुफ्त वितरण) का पालन करना संभव नहीं है."
सर्वोच्च न्यायालय ने अपने आदेश में कहा था सरकार गरीबी रेखा के नीचे आने वाले नागरिकों और अति निर्धनों का एक ताजा सर्वेक्षण कराये और उसके बाद अतिरिक्त अनाज को उनमें बांट दिया जाये. न्यायालय के मुताबिक अनाज सरकारी भण्डारों में सड़े इससे बेहतर होगा कि सरकार उसे गरीबों और जरूरतमंदों में मुफ्त में बांट दे.