बच्चों के लिए सुरक्षित नहीं हैं सार्वजनिक स्थल: सर्वे
मेरी सरकार न्यूज़ सर्विस नई दिल्ली, जनवरी 04, 2012
आम जनता भी मूकदर्शक बनी रहती है:सर्वे
एक शोध में दावा किया गया है कि देश में रेलवे स्टेशन, पार्क और बस स्टैंड जैसे सार्वजनिक स्थान बच्चों के अनुकूल और उनके लिए सुरक्षित नहीं हैं।
चाइल्डलाइन इंडिया फाउंडेशन की ओर से किए गए शोध के मुताबिक, बच्चों आम तौर पर इन स्थानों पर कई रूपों में बाल शोषण का शिकार होते हैं।
चाइल्डलाइन की उप निदेशक निकोल मेनेज ने कहा कि सार्वजनिक स्थलों पर बच्चों के शोषण के बढ़ते मामलों के मद्देनजर बच्चों और उनके अधिकारों की रक्षा फौरन जरुरी हो गई है।
शोध में दावा किया गया है कि बच्चों के इन स्थानों पर यौन, शारीरिक और मौखिक शोषण के मामले बढ़ रहे हैं क्योंकि आम जनता की ऐसे मामलों में सिवाए मूक दर्शक होने के भूमिका बहुत कम है।
रिपोर्ट में इस बात पर भी जोर दिया गया है कि जन सेवाओं संबंधित नीतियां बनाते समय सरकार द्वारा बच्चों को सबसे कम प्राथमिकता दी जाती है।
इस शोध के लिए दिल्ली, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश और केरल समेत देश के 11 प्रदेशों में सर्वेक्षण कराया गया। शोध में एक राष्ट्रीय बाल संरक्षण ढ़ांचा बनाने की अनुशंसा की गई है।