बेंगलुरु में हिंसा के बाद ईपीएफ निकासी के पुराने नियम बहाल

फाइल फोटो: केंद्रीय श्रम मंत्री बंडारू दत्तात्रेय।

भविष्य निधि की निकासी पर सरकार ने राहत देते हुए घर-मकान बनाने, बच्चों की शादी तथा व्यावसायिक शिक्षा के लिए कर्मचारियों को पहले की तरह पूरी राशि निकालने की अनुमति दे दी है।

नए प्रावधान एक मई के स्थान पर एक अगस्त से प्रभावी होंगे। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि भविष्य निधि की पूरी निकासी घर-मकान बनाने, गंभीर बीमारी के इलाज, बच्चों के विवाह और व्यावसायिक शिक्षा के लिए की जा सकती है।

एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार भविष्य निधि से निकासी से संबंधित पुरानी व्यवस्था 31 जुलाई तक जारी रहेगी।

सभी नागरिकों को सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराने का हवाला देते हुए सरकार ने भविष्य निधि में जमा राशि के निकासी के प्रावधानों को कड़ा करते हुए एक मई से नए नियम लागू करने की घोषणा की थी।

नए प्रावधानों के अनुसार भविष्य निधि के अंशधारक असाधारण परिस्थिति में ही पूरी राशि निकाल सकते हैं।

इनमें 58 वर्ष की आयु पूरा करने के अलावा, विदेश में बसने, छंटनी के कारण रोजगार समाप्त होने, कार्य करने में स्थायी रूप से अक्षम और आपसी सहमति के आधार पर स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना के तहत सेवा समाप्त होने पर ही भविष्य निधि निकासी की बात कही गयी थी।

 

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