संसद की कार्यवाही ठीक से चलने की उम्मीदों को पहले ही दिन झटका

प्रधानमंत्री ने उम्मीद जतायी कि बजट सत्र के दूसरे हिस्से में भी पहले हिस्से की तरह विधायी कार्य हो पायेगा।

प्रधानमंत्री मोदी की बजट सत्र के दूसरे हिस्से में संसद का कामकाज सुचारु ढंग से चलने की उम्मीद को पहले ही दिन धक्का लगा है। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने उत्तराखंड के मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग को लेकर राज्य सभा में जोरदार नारेबाजी की जिसकी वजह से 3 बजे के बाद राज्यसभा की कार्यवाही सोमवार सुबह तक स्थगित कर दी गयी।

इसके पहले सोमवार को संसद परिसर में मीडिया को संबोधित करते हुये प्रधानमंत्री ने कहा कि इस सत्र में मुख्यत: वित्तीय मामलों पर चर्चा होगी। सरकार ने विपक्षी दलों से अपील की है कि जीएसटी बिल पास करने में वे सरकार का सहयोग करें।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बजट सत्र का पहला हिस्सा काफी सफल रहा। श्री मोदी ने कहा कि सभी दलों ने मिल करके संसद को बहुत ही एक सुचारू ढंग से चलाने का प्रयास किया और काफी महत्‍वपूर्ण फैसले भी हुए और अब उसका आनंद सभी दलों के सांसदों के चेहरे पर महसूस हो रहा था।

प्रधानमंत्री ने उम्मीद जतायी कि इस बार भी उसी उमंग, उत्‍साह के साथ लोकतंत्र की स्‍वस्‍थ परंपराओं के साथ, मुक्‍त चर्चा करते हुए सत्र को आगे बढ़ाएंगे और अच्‍छे फैसले करेंगे।

लेकिन राज्य सभा में पहले दिन भी कोई अहम विधायी कामकाज नहीं हो सका। कांग्रेस सदस्यों ने उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन लगाने के सरकार के फैसले पर चर्चा कराये जाने की मांग को लेकर सदन में सरकार विरोधी नारेबाजी और दोपहर के बाद सदन की कार्यवाही नहीं चलने दी।

सरकार ने दोनों ही सदनों में उत्तराखंड के मुद्दे पर चर्चा कराने से यह कहते हुये मना कर दिया कि मामला न्यायालय के समक्ष विचाराधीन है ऐसे में इस पर सदन में चर्चा कराना उचित नहीं होगा।

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