गुरुवार को गृह मंत्री राजनाथ सिंह और जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कश्मीर के हालात पर पत्रकार वार्ता की। वार्ता के दौरान पहले राजनाथ सिंह ने पत्रकारों के सवाल के जवाब दिए. उनके बाद सूबे की सीएम ने पत्रकारों का जवाब देना शुरू किया।
सवाल-जवाब के दौरान महबूबा आक्रोशित हो गईं। महबूबा ने पत्रकारों से कहा, “जो मारे गए हैं उनमें 90 प्रतिशत बच्चे हैं, गरीबों के बच्चे हैं…..

गृहमंत्री राजनाथ सिंह और जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती श्रीनगर में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुये।
95 कश्मीरी शांतिपूर्ण ढंग से हल चाहते हैं…मगर पांच प्रतिशत लोग …कुछ लोग हमारे बच्चों को शील्ड बनाकर कैंपों पर हमला कराते हैं…..कुछ लोगों ने अपने नाजायज मकसद के लिए बच्चों को भट्टी में डाल दिया है.”
महबूबा के इस रुख पर पत्रकार उनसे प्रतिप्रश्न करने लगे और उनके 2010 के पुराने स्टैंड का हवाला देने लगे। इसपर महबूबा ने कहा कि वो अभी भी कश्मीर के मसले के बातचीत के समाधान के पक्ष में हैं।
पत्रकार वार्ता के दौरान थोड़ी देर के लिए स्थिति कुछ ऐसी हो गई कि गृह मंत्री राजनाथ को बीचबचाव करते हुए कहना पड़ा, “महबूबा जी तो आपकी अपनी हैं…”
राजनाथ का संकेत पत्रकार तो नहीं समझे लेकिन सीएम महबूबा ने तुरंत पत्रकार वार्ता की समाप्ति की घोषणा करते हुए कहने लगीं, “थैंक्यू, आइए चाय पी लीजिए…आइए चाय पी लीजिए…”