सहारा समूह के ऐंबी वैली प्रोजेक्ट को नीलाम करने का आदेश

सुब्रत राय सहारा की मुश्किलें बढ़ीं।

सर्वोच्च न्यायालय ने सहारा समूह की एंबी वैली को नीलाम करने का आदेश सुनाया है। सर्वोच्च अदालत ने सहारा प्रमुख सुब्रत राय को व्यक्तिगत रूप से 28 अप्रैल को उसके सामने उपस्थित होने के लिए कहा है।

पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सहारा समूह से कहा था कि अगर वह 17 अप्रैल तक सेबी-सहारा रिफंड खाते में 5,092.6 करोड़ रुपये जमा नहीं कराता है तो महाराष्ट्र के पुणे के करीब स्थित एंबी वैली की नीलामी की जाएगी।  एंबी वैली की कुल कीमत करीब 39,000 करोड़ रुपये लगायी जा रही है।

सहारा समूह के प्रमुख सुब्रत राय तथा दो अन्य निदेशकों रविशंकर दुबे और अशोक राय चौधरी को ग्रुप की दो कंपनियों सहारा इंडिया रीयल एस्टेट कॉरपोरेशन और सहारा हाउसिंग इन्वेस्टमेंट कॉर्प लिमिटेड द्वारा 31 अगस्त, 2012 तक निवेशकों का 24,000 करोड़ रुपये का रिफंड करने के आदेश का अनुपालन नहीं करने के लिए गिरफ्तार किया गया था।

नयी दिल्ली स्थित सर्वोच्च न्यायालय भवन।

सुप्रीम कोर्ट ने 6 मई, 2016 को सुब्रत राय को अपनी मां की अंत्येष्टि में शामिल होने के लिए चार हफ्ते का पैरोल दिया था। उसके बाद से उनके पैरोल को बढ़ाया गया है। राय को 4 मार्च, 2014 को तिहाड़ जेल भेजा गया था।

फिर कोर्ट ने पिछले साल 28 नवंबर को सुब्रत राय को 6 फरवरी तक रिफंड खाते में 600 करोड़ रुपये जमा कराने का निर्देश देते हुए कहा था कि अगर वह ऐसा करने में विफल रहते हैं तो उन्हें फिर जेल भेज दिया जाएगा।

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